दिल्ली : देश में एलपीजी संकट को लेकर सोशल मीडिया पर आज #KejriwalOnLPGShortage तेजी से ट्रेंड कर रहा है। इसकी वजह दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की वह प्रेस कॉन्फ्रेंस है, जिसमें उन्होंने एलपीजी की भारी कमी और उससे पैदा हुए राष्ट्रीय संकट पर गंभीर सवाल उठाए।
केजरीवाल ने कहा कि देश इस समय एक ऐसे दौर से गुजर रहा है, जहाँ रसोई गैस जैसी बुनियादी जरूरत भी लोगों को आसानी से उपलब्ध नहीं हो रही। उन्होंने आरोप लगाया कि देश में एलपीजी का उत्पादन लगभग 50 प्रतिशत तक घट चुका है, जिसके कारण हालात तेजी से बिगड़ते जा रहे हैं। इस कमी का सबसे बड़ा असर आम लोगों और छोटे कारोबारियों पर पड़ रहा है। होटल, रेस्टोरेंट, ढाबे, क्लाउड किचन और छोटे फूड कारोबार एलपीजी पर ही निर्भर रहते हैं। लेकिन अब सरकार के आदेश के बाद कई जगहों पर रेस्टोरेंट और होटलों को एलपीजी सिलेंडर तक नहीं मिल रहे। दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु और चेन्नई जैसे बड़े शहरों में हजारों छोटे कारोबार बंद होने की कगार पर हैं। कई जगहों पर सिर्फ 2 से 4 दिन का ही गैस स्टॉक बचा है।
इस संकट की वजह से लाखों लोगों की रोज़ी-रोटी पर भी सीधा खतरा मंडरा रहा है। फूड इंडस्ट्री और उससे जुड़े कारोबारों में काम करने वाले बड़ी संख्या में लोग बेरोजगार होने के डर में जी रहे हैं। केजरीवाल ने कहा कि अगर जल्द समाधान नहीं निकाला गया तो लाखों परिवारों की आय का स्रोत खत्म हो सकता है।
उन्होंने यह भी कहा कि इस समय पूरे देश में शादी-ब्याह का सीजन चल रहा है और अगर गैस की सप्लाई इसी तरह प्रभावित रही तो लोगों को अपने पारिवारिक समारोह तक टालने पड़ सकते हैं। उनके मुताबिक यह सिर्फ आर्थिक संकट नहीं बल्कि सामाजिक संकट भी बनता जा रहा है।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में केजरीवाल ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि देश को आज तक का सबसे कमजोर नेतृत्व मिला है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार विदेशी दबाव में काम कर रही है और उसके फैसलों का खामियाजा देश के आम नागरिकों को भुगतना पड़ रहा है।
सोशल मीडिया पर लोग बड़ी संख्या में इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया दे रहे हैं। कई यूजर्स का कहना है कि जब रसोई गैस जैसी बुनियादी जरूरत पर संकट खड़ा हो जाए तो यह सिर्फ राजनीतिक मुद्दा नहीं रह जाता, बल्कि हर घर की परेशानी बन जाता है।
इसी वजह से #KejriwalOnLPGShortage ट्रेंड कर रहा है। बड़ी संख्या में लोग केजरीवाल के बयान को साझा कर रहे हैं और सरकार से जवाब मांग रहे हैं कि आखिर देश को एलपीजी की इतनी बड़ी कमी का सामना क्यों करना पड़ रहा है।
यह मुद्दा अब सिर्फ गैस की सप्लाई तक सीमित नहीं रहा, बल्कि लाखों परिवारों की रोज़ी-रोटी, छोटे कारोबार और आम लोगों की रसोई से जुड़ा राष्ट्रीय सवाल बन गया है। इसलिए सोशल मीडिया पर इस विषय को लेकर बहस तेज हो गई है और लोग समाधान की मांग कर रहे हैं।



