उत्तर प्रदेश पुलिस ने तकनीक आधारित पुलिसिंग के क्षेत्र में एक बार फिर बड़ी उपलब्धि हासिल की है। यूपी पुलिस फैक्ट चेक’ और ‘मेटा सुसाइडल अलर्ट’ जैसी दो अहम पहलों को द इकोनॉमिक टाइम्स गवटेक अवार्ड्स 2026 से सम्मानित किया गया है। यह सम्मान नई दिल्ली के हयात रीजेंसी में आयोजित 6वां ईटी गवटेक कॉन्क्लेव और पुरस्कार कार्यक्रम में प्रदान किया गया।
यह पुरस्कार देश में डिजिटल नवाचार को बढ़ावा देने वाली प्रमुख संस्थाओं को दिया जाता है। उत्तर प्रदेश पुलिस को यह सम्मान दो अलग-अलग श्रेणियों में मिला।‘यूपी पुलिस फैक्ट चेक’ को डिजिटल पुलिसिंग और कानून प्रवर्तन उत्कृष्टता पुरस्कार जबकि ‘मेटा सुसाइडल अलर्ट’ को डिजिटल नागरिक जुड़ाव और शिकायत निवारण पुरस्कार श्रेणी में सम्मानित किया गया।
बता दें, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश में तकनीक आधारित और जनहितकारी पुलिसिंग को लगातार बढ़ावा मिल रहा है। पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण के निर्देशन में आधुनिक तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का उपयोग कर कई प्रभावी पहलें शुरू की गई हैं, जिनका सीधा लाभ आम जनता को मिल रहा है।
वहीं, सोशल मीडिया पर फैलने वाली भ्रामक खबरों और अफवाहों को रोकने के लिए यूपी पुलिस ने 2017 में @UPPViralCheck के माध्यम से देश का पहला पुलिस संचालित फैक्टरी चेक प्लेटफॉर्म शुरू किया। बाद में फेसबुक और इंस्टाग्राम पर @UPPFactCheck अकाउंट भी शुरू किए गए, जिससे सही जानकारी तेजी से लोगों तक पहुंचाई जा सके।
पुलिस मुख्यालय में 24×7 फैक्ट चेक डेस्क लगातार सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स की निगरानी करता है। संदिग्ध पोस्ट की जांच OSINT टूल्स, रिवर्स इमेज सर्च और जियोलोकेशन के जरिए की जाती है। जरूरत पड़ने पर संबंधित जिलों से भी तत्काल जानकारी ली जाती है।
अब तक इस पहल के जरिए हजारों भ्रामक खबरों का खंडन किया जा चुका है। 75 जिलों में करीब 4100 मामलों में स्पष्टीकरण जारी हुआ है और गलत जानकारी फैलाने वालों के खिलाफ 318 एफआईआर दर्ज की गई हैं।
महाकुंभ 2025 के दौरान भी इस पहल ने अहम भूमिका निभाई। उस समय 204 फर्जी अकाउंट्स की पहचान कर 14 मामलों में कार्रवाई की गई, जिससे बड़े स्तर पर फैल रही अफवाहों पर समय रहते रोक लगाई जा सकी।
‘मेटा सुसाइडल अलर्ट’ यूपी पुलिस की एक खुफिया और तकनीक आधारित पहल है, जिसे मेटा कंपनी के सहयोग से विकसित किया गया है। इस सिस्टम के तहत यदि कोई व्यक्ति फेसबुक या इंस्टाग्राम पर आत्महत्या से जुड़ी पोस्ट करता है, तो तुरंत पुलिस को अलर्ट मिल जाता है।
पुलिस मुख्यालय में 24×7 सक्रिय टीम पीड़ित की लोकेशन ट्रेस कर संबंधित जिले की पुलिस को सूचना देती है। इसके बाद स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंचकर व्यक्ति को सुरक्षित बचाने और काउंसलिंग की व्यवस्था करती है।
जनवरी 2023 से फरवरी 2026 के बीच इस सिस्टम के जरिए 2178 अलर्ट मिले, जिनके आधार पर कुल 2181 लोगों की जान बचाई गई। इनमें 1667 पुरुष और 514 महिलाएं शामिल हैं। सबसे अधिक मामले 19 से 25 वर्ष आयु वर्ग के सामने आए हैं।
बता दें, ‘द इकोनॉमिक टाइम्स गवटेक अवार्ड्स’ देश के प्रतिष्ठित पुरस्कारों में गिना जाता है। इसमें चयन देश के वरिष्ठ प्रशासनिक और तकनीकी विशेषज्ञों की जूरी द्वारा किया जाता है।
यूपी पुलिस को एक ही वर्ष में दो अलग-अलग श्रेणियों में सम्मान मिलना इस बात का प्रमाण है कि प्रदेश में पुलिसिंग का मॉडल तेजी से आधुनिक और जनोन्मुख बन रहा है।
तकनीक और संवेदनशीलता के इस संयोजन ने उत्तर प्रदेश पुलिस को न केवल देश में बल्कि वैश्विक स्तर पर भी एक उदाहरण के रूप में स्थापित किया है।












