उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव के मद्देनज़र राजनीतिक हलचल तेज़ हो गई है, और इस बीच, संत समुदाय भी मतदाताओं तक अपनी बात पहुंचाने के लिए सक्रिय हो गया है। स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने ऐलान किया है कि 3 मई से गोरखपुर की धरती से गौरक्षा यात्रा निकाली जाएगी, जो 24 जुलाई को लखनऊ में समाप्त होगी। यह यात्रा राज्य की 403 विधानसभा सीटों में जाएगी और मतदाताओं को गौमाता की रक्षा के लिए जागरूक करेगी।
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने बताया कि इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य गौमाता की सुरक्षा और उनके अधिकारों की रक्षा करना है। उन्होंने कहा कि अगर कोई राजनीतिक दल गौरक्षा के मुद्दे पर उनके पास आता है, तो वह उनका समर्थन करेंगे। अन्यथा, आगामी विधानसभा चुनाव में गौरक्षक निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनावी मैदान में उतरेंगे।
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के गौरक्षा को लेकर दिए गए बयान पर भी तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, “योगी आदित्यनाथ पश्चिम बंगाल में कहते हैं कि गौमाता कटने नहीं देंगे, हिंदू बटने नहीं देंगे, लेकिन वहां गाय की संख्या 15 प्रतिशत बढ़ी है, जबकि यूपी में गाय की संख्या 5 प्रतिशत घट गई है। यह शर्मनाक है।”
स्वामी ने यह भी कहा कि अगर कोई राजनीतिक दल गौरक्षा का संकल्प लेकर उनके पास आता है, तो वह उसका समर्थन करेंगे, लेकिन अन्यथा, गौरक्षक चुनाव लड़ेंगे और इस मुद्दे को चुनावी मुद्दा बनाएंगे।
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने आगे कहा कि हिंदुओं को यह समझना चाहिए कि वे अपना वोट जिस पार्टी को देते हैं, वह सत्ता में आने के बाद उनके ही खिलाफ ताकत दिखाती है। उन्होंने गोरखपुर में दिए गए मुख्यमंत्री के बयान पर भी प्रतिक्रिया व्यक्त की, और सुअर और गाय के मुद्दे को लेकर सवाल उठाया।










