बीते वर्ष 2024 के इसी दिसंबर माह में आखिरी फेज की क्रोनिक किडनी बीमारी से पीड़ित उत्तर प्रदेश, लखनऊ के एक कालेज के बीटेक के एक छात्र अनूप मिश्रा के किडनी ट्रांसप्लांट में आने वाले भारी भरकम खर्च को लेकर जब सोशल मीडिया पर कुछ सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं पत्रकारों ने मदद की बात शुरू की तो अदाणी समूह के चेयरमैन गौतम अदाणी ने इसका संज्ञान लिया और बेहतर इलाज में हर संभव मदद के लिए उनके निर्देश पर अदाणी फाउंडेशन ने मदद को हाथ बढ़ाया था।
कुछ स्वास्थ परिस्थितियों के चलते अनूप मिश्रा का किडनी ट्रांसप्लांट नहीं हो सका था जो आज पीजीआई के कुशल चिकित्सकों की देखरेख में संपन्न हुआ। अनूप मिश्रा की माँ ज्ञानमती ने अपनी एक किडनी को डोनेट किया है।

गौतम अदाणी इससे पहले भी जरुरतमंदों की मदद करते रहें है। उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी की एक मासूम बच्ची लवली का ऑपरेशन भी उनके निर्देश पर हुआ था जिसके हाथ-पैर बचपन से ही टेढ़े थे। एक 4 साल की मासूम बेटी मनुश्री का इलाज भी पीजीआई में हुआ था जिसके दिल में छेद था।
बिजनेस में बुलंदियों के हासिल करने वाला अदाणी समूह मानवीय संवेदनाओं को बहुत बेहतर तरीके से समझता है और समूह के प्रमुख गौतम अदाणी की संवेदनशीलता और मानवीय दृष्टिकोण उनके बहुमुखी व्यक्तित्व को दर्शाता है।


