अहमदाबाद : अदाणी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक ज़ोन (एपीएसईज़ेड) की लॉजिस्टिक्स इकाई अदाणी लॉजिस्टिक्स ने भारत के कोल्ड चेन इन्फ्रास्ट्रक्चर को मजबूती देने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है।उसने हाइफन फूड्स के लिए पहली रीफर कंटेनर ट्रेन की शुरुआत की है। यह ट्रेन आईसीडी विरोचननगर से मुंद्रा पोर्ट के लिए रवाना हुई। यह कदम देश में आधुनिक, टिकाऊ और मजबूत कोल्ड चेन लॉजिस्टिक्स नेटवर्क बनाने की दिशा में एक बड़ी प्रगति मानी जा रही है।
फूड सप्लाई चेन होगी मजबूत
यह पहल हाइफन फूड्स, अदाणी लॉजिस्टिक्स और एवरग्रीन मरीन कॉरपोरेशन के बीच एक रणनीतिक साझेदारी का हिस्सा है। इसका उद्देश्य भारत के खेतों से गर्मी और नमी से खराब हो जाने वाले खाने के सामान को सुरक्षित और सुचारु तरीके से वैश्विक बाजारों तक पहुंचाना है। इस व्यवस्था के जरिए उत्पादों की गुणवत्ता बनाए रखते हुए एक निर्बाध सप्लाई चेन तैयार की जा रही है।
इस समर्पित रीफर ट्रेन के जरिए जमे हुए खाद्य उत्पादों कीएक निश्चित तापमान औरसमय पर डिलीवरी सुनिश्चित होगी। इससे अंदरूनी क्षेत्रों से लेकर बंदरगाह तक बेहतर कनेक्टिविटी के साथ किया जा रहा है। यह अदाणी लॉजिस्टिक्स की मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर क्षमता और प्रभावी परिचालन को दर्शाता है, जो देश की सप्लाई चेन को और मजबूत बना रहा है।
कई देशों में जाएगा सामान
इस ट्रेन के जरिए भेजा गया सामान मलेशिया, सिंगापुर, दक्षिण कोरिया, जापान, ताइवान और इंडोनेशिया जैसे प्रमुख अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचेगा। ये सामान पिज्जा हट, बर्गर किंग, टैको बेल, सबवे, आईकिया और केएफसी जैसे बड़े वैश्विक ब्रांड्स तक सप्लाई किए जाएंगे।
यह साझेदारी तीनों कंपनियों की विशेषज्ञता को एक साथ लाकर कम उत्सर्जन वाली, पर्यावरण के अनुकूल लॉजिस्टिक्स प्रणाली तैयार कर रही है। जहां हाइफन फूड्स, बेहतरीन क्वॉलिटी वाले फ्रोजन फूड्स की वैश्विक मांग को पूरा कर रहा है, वहीं अदाणी लॉजिस्टिक्स रेल आधारित मल्टीमॉडल नेटवर्क के जरिए देश के अंदर कनेक्टिविटी के रास्ते खोल रहा है। एवरग्रीन मरीन कॉरपोरेशन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हरित समुद्री परिवहन सुनिश्चित कर रहा है।
आईसीडी विरोचननगर बना पहल का केंद्र
आईसीडी विरोचननगर इस पहल का अहम केंद्र है, जो अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक्स हब है। यहां से मुंद्रा और पिपावाव बंदरगाहों के लिए सीधा संपर्क उपलब्ध है, साथ ही घरेलू कार्गो को डंकुनी, कोलकाता (पश्चिम बंगाल), जिरानिया (त्रिपुरा), हल्दिया (पश्चिम बंगाल) और बाईहाटा (असम) जैसे स्थानों से जोड़ती है।। इसकी वार्षिक क्षमता 92,400 टीईयू की है और यह प्रमुख औद्योगिक क्षेत्रों के करीब स्थित है।यहां लगभग 6.6 लाख वर्ग फुट का बेहतर वेयरहाउसिंग स्पेस है, जो ई-कॉमर्स और विशेष जरूरतों के अनुसार समाधान उपलब्ध कराता है।
कोल्ड चेन नेटवर्क होगा मजबूत
यह पहल भारत के निर्यात कोएक नई गति देने के साथ-साथ कोल्ड चेन नेटवर्क को और मजबूत करेगा। इससे फ्रोजन उत्पादों को तेजी से और सुरक्षित तरीके से ढोया जा सकेगा। नए सिस्टम से ट्रांजिट समय घटेगा और सड़क के बजाय रेल से ले जाने से प्रदूषण में भी कमी आएगी ।
विशेषज्ञों के मुताबिक, इस तरह की पहल भारत को वैश्विक स्तर पर उच्च गुणवत्ता वाले प्रोसेस्ड फूड्स के भरोसेमंद आपूर्तिकर्ता के रूप में स्थापित करने में मदद करेगी। यह कदम न केवल निर्यात को बढ़ावा देगा बल्कि किसानों से लेकर उपभोक्ताओं तक पूरे सप्लाई नेटवर्क को अधिक कुशल और टिकाऊ बनाएगा।















