मानसा | पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज कहा कि अकाली और कांग्रेस के दशकों के शासन ने जानबूझकर पंजाब के बच्चों को अनपढ़ रखा, जबकि राजनीतिक परिवार फलते-फूलते रहे। उन्होंने जोर देकर कहा कि इन पार्टियों को कभी भी लोगों की तरक्की की चिंता नहीं थी, बल्कि सिर्फ अपनी बेटियों-बेटों और रिश्तेदारों के लिए सत्ता हासिल करने की चिंता थी। सरदूलगढ़ में सरकारी आई.टी.आई., जो हर साल 240 विद्यार्थियों को हुनरमंद बनाएगी, का नींव पत्थर रखने के बाद सभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि भाजपा अब चुनाव सपना पूरा करने के लिए दूसरी पार्टियों के दलबदलुओं पर निर्भर कर रही है लेकिन पंजाब ने अलग रास्ता चुना है।
पंजाब सरकार द्वारा सरकारी खजाने का एक-एक पैसा ईमानदारी से लोगों की भलाई और तरक्की पर खर्च करने की बात कहते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने ऐलान किया कि ‘आप’ सरकार, पंजाब विकास के लिए नए इंजन पर चल रही है, जबकि भाजपा, अकाली दल और कांग्रेस के इंजन पुराने हो चुके हैं और सूबे को आगे बढ़ाने के सक्षम नहीं हैं।

सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “अकाली दल खुद एक डायनासोर है, जिसने राज्य और इसके लोगों की कमाई को हड़प लिया। जहां ‘आप’ सरकार पंजाबी नौजवानों को डॉक्टर और इंजीनियर बनाकर भविष्य के लिए तैयार करने के लिए सख्त प्रयास कर रही है, वहीं अकाली दल राज्य के नौजवानों को डायनासोर युग में वापस खींचने पर तुला हुआ है।”
उन्होंने लोगों को याद दिलाया कि डायनासोर मनुष्यों के लिए घातक थे। उन्होंने कहा कि डायनासोर अकालियों का पसंदीदा जानवर है क्योंकि अकालियों ने भी पंजाब और पंजाबियों की मेहनत की कमाई खाई है। उन्होंने कहा, “लोग कभी भी ऐसे नेताओं को नहीं चुनेंगे, जिन्होंने राज्य को बर्बाद किया है और अपनी घिनौनी हरकतों से हमारी पीढ़ियों को हड़प लिया है।”
अकाली दल की पंजाब बचाओ यात्रा पर व्यंग्य कसते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि अकाली दल की इस चाल का असली नाम ‘परिवार बचाओ यात्रा’ है। उन्होंने कहा, “मैं अकाली नेताओं को चुनौती देता हूं कि वे यह बताएं कि 15 साल राज्य को लूटने के बाद वे राज्य को किससे बचाने की कोशिश कर रहे हैं। लोगों ने अकालियों को चुना था लेकिन वे गद्दार साबित हुए और हमेशा सूबे और इसके लोगों की पीठ में छुरा घोंपा है।”
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने लोगों को याद दिलाया कि जब समूची किसानी अपने हकों के लिए लड़ रही थी तब अकालियों ने केंद्रीय मंत्रिमंडल में अपनी कुर्सी बचाने खातिर काले कृषि कानूनों पर मोदी सरकार का समर्थन किया था।
उन्होंने कहा कि अकालियों ने अपने निजी राजनीतिक हितों के लिए पंथ की दुरुपयोग किया है, जिस कारण लोगों द्वारा उन्हें माफ नहीं किया जा सकता। भाजपा पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि भगवा पार्टी चुनाव जीतने की उम्मीद में दूसरी पार्टियों के दलबदलुओं पर निर्भर कर रही है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “भाजपा की यह रणनीति पंजाब में काम नहीं करेगी क्योंकि दूसरी मशीनों के खराब हुए पुर्जों वाला इंजन ज्यादा देर नहीं चल सकेगा।”
मुख्यमंत्री ने कहा कि पारंपरिक राजनीतिक पार्टियां उनसे जलन रखती हैं क्योंकि वे यह हजम नहीं कर पा रही हैं कि एक आम आदमी का बेटा राज्य का शासन प्रभावशाली ढंग से चला रहा है। उन्होंने आगे कहा, “पारंपरिक राजनीतिक पार्टियों के लोग विरोधी और पंजाब विरोधी रुख कारण पंजाब के लोगों का उनसे विश्वास उठ गया है।”
उन्होंने दोहराया कि पुराने शासक पंजाब और पंजाबियों से ज्यादा अपने पारिवारिक सदस्यों बारे अधिक चिंतित थे, जिस कारण लोगों ने उन्हें बाहर का रास्ता दिखाया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पद संभालने के बाद उन्होंने पंजाब की तरक्की और खुशहाली पर विशेष ध्यान दिया है। उन्होंने कहा कि पिछली सरकारों ने पूरे राज्य के स्कूलों को सिर्फ ‘मिड-डे मील’ केंद्रों में बदल दिया था लेकिन अब इन स्कूलों को शिक्षा के केंद्रों में तब्दील कर दिया गया है। उन्होंने दावा किया, “आप सरकार राज्य में शिक्षा को प्रोत्साहन देने और गरीब विद्यार्थियों तक मानक शिक्षा की पहुंच सुनिश्चित करने के मिशन पर काम कर रही है।”
मुख्यमंत्री ने कहा कि नौजवानों को मानक शिक्षा देने के लिए सूबे में 118 स्कूल ऑफ एमिनेंस स्थापित किए गए हैं और अध्यापकों का अध्यापन हुनर तराशने के लिए प्रशिक्षण वास्ते फिनलैंड और सिंगापुर भेजा गया है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “कांग्रेस और अकालियों का सिर्फ चार बिंदुओं वाला एजेंडा है, जो अपनी, अपने पुत्रों, जीजे और साले की भलाई सुनिश्चित करना है। शिक्षा तरक्की की कुंजी है, हमारी सरकार ने इस क्षेत्र के विकास पर जोर दिया है और आने वाले दिनों में कोई व्यक्ति अपनी दौलत से नहीं, बल्कि अपने बच्चों की शिक्षा के पूंजी से अमीर कहाएगा।”
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार राज्य के खजाने का एक-एक पैसा राज्य के लोगों की भलाई के लिए समझदारी से इस्तेमाल कर रही है। उन्होंने कहा, “पंजाब के 90 प्रतिशत से अधिक घरों को मुफ्त बिजली मिल रही है, यहां तक कि किसानों को भी दिन के समय बिजली मिल रही है, जो बेमिसाल है। ऐसे समय में जब केंद्र सरकार द्वारा देश की संपत्तियां अपने चहेतों को मामूली कीमतों पर दी जा रही हैं, पंजाब सरकार ने एक निजी थर्मल प्लांट खरीद कर इतिहास रचा है।”
मुख्यमंत्री ने कहा कि लोगों को मुफ्त स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने के लिए पंजाब में 881 आम आदमी क्लीनिक खोले गए हैं और सरकारी अस्पतालों में लोगों को मानक स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि जब राज्य सरकार ने सत्ता संभाली थी, उस समय राज्य में 21 प्रतिशत नहरी पानी ही सिंचाई के लिए इस्तेमाल हो रहा था। यह बहुत मान की बात है कि आज 68 प्रतिशत नहरी पानी सिंचाई के लिए इस्तेमाल हो रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब में 6,900 किलोमीटर लंबे 18,349 खालों को फिर से बहाल किया गया है ताकि टेलों पर पानी मुहैया करवाया जा सके जिससे किसानों को बहुत फायदा हो रहा है। उन्होंने कहा, “लोगों को व्यापक स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करने के लिए राज्य सरकार ने मुख्यमंत्री सेहत योजना शुरू की है जो देश में अपनी किस्म की पहली योजना है। यह योजना पंजाब के हरेक परिवार को 10 लाख रुपए तक का नकदी रहित चिकित्सा इलाज प्रदान करती है। यह बहुत मान वाली बात है कि पंजाब ऐसा व्यापक स्वास्थ्य संभाल सुविधा देने वाला पहला भारतीय राज्य है, जिसने मानक स्वास्थ्य सेवाओं को सुनिश्चित करते हुए लोगों पर वित्तीय बोझ को काफी हद तक घटा दिया है।”
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि “पंजाब के नौजवानों को बिना किसी रिश्वत या सिफारिश के 63,000 से अधिक सरकारी नौकरियां दी गई हैं जिससे समाज का हर वर्ग खुश है।”
मुख्यमंत्री ने कहा कि भोजन और पोषण सुरक्षा को मजबूत करने के उद्देश्य से ऐतिहासिक पहलकदमी करते हुए राज्य सरकार ने ‘मेरी रसोई योजना’ शुरू की है। “इस योजना तहत 40 लाख परिवारों को अप्रैल से हरेक तिमाही मुफ्त राशन किटें मिलेंगी और राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा एक्ट (एन.एफ.एस.ए.) अधीन गेहूं भी दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि पंजाब के मेहनती किसानों ने यह सुनिश्चित करने के लिए अथक मेहनत की है कि देश में कोई भी भूखा न सोए और हमारा राज्य हमेशा देश को अनाज देने में अग्रणी रहा है। हालांकि, पंजाब में अभी भी कुछ परिवार हैं जो रोजाना रोजी-रोटी के लिए संघर्ष करते हैं।”
मुख्यमंत्री ने कहा, “इस योजना तहत पंजाब सरकार 40 लाख परिवारों को भोजन किटें प्रदान करेगी और हरेक किट में मासिक खपत के लिए दो किलो दाल, दो किलो शक्कर, एक किलो नमक, 200 ग्राम हल्दी पाउडर और एक लीटर सरसों का तेल होगा। यह भोजन किटें एन.एफ.एस.ए. अधीन योग्य लाभार्थियों को पहले ही वितरित हो रही गेहूं से अलग प्रदान की जाएंगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वह इस क्षेत्र के आभारी हैं, जिसने हमेशा एक कलाकार के रूप में और अब एक राजनीतिज्ञ के रूप में उन्हें बहुत प्यार दिया है। मुख्यमंत्री ने कहा, “मैं इस प्यार के लिए हमेशा इस क्षेत्र के लोगों का ऋणी रहूंगा। इस क्षेत्र को पहले पिछड़ा क्षेत्र कहा जाता था और यहां तक कि राज्य सरकार भी इसके लिए सर्टिफिकेट जारी करती थी और इस क्षेत्र की तरक्की पर कोई ध्यान नहीं दिया जाता था। ‘आप’ सरकार विकास प्रोजेक्ट शुरू करके इस इलाके से पिछड़ेपन के कलंक को हटाने के लिए सख्त मेहनत कर रही है। नौजवानों को हुनर-आधारित प्रशिक्षण और तकनीकी कोर्स प्रदान करने के लिए गांव फतेहगढ़ साहनेवाली में सरकारी आई.टी.आई. का नींव पत्थर रखा गया है।”
मुख्यमंत्री ने इस प्रोजेक्ट के लिए पांच एकड़ जमीन मुफ्त देने के लिए फतेहगढ़ साहनेवाली पंचायत का तहे दिल से धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि आई.टी.आई. की निर्माण, स्टाफ की भर्ती, बुनियादी ढांचा और अन्य खर्चों पर लगभग 24.50 करोड़ रुपए खर्च आएंगे। उन्होंने कहा, “240 विद्यार्थियों की क्षमता वाली यह संस्था पांच ट्रेडों जैसे इलेक्ट्रीशियन, मैकेनिक इलेक्ट्रिक वाहन, रेफ्रिजरेशन और एयर कंडीशनर टेक्नीशियन, इंडस्ट्रियल रोबोटिक्स और डिजिटल मैन्युफैक्चरिंग टेक्नीशियन और सी.एन.सी. मशीनिंग टेक्नीशियन में प्रशिक्षण प्रदान करेगी। इस आई.टी.आई. से क्षेत्र के ग्रामीण नौजवानों को अपने घरों के नजदीक हुनर आधारित शिक्षा का मौका मिलेगा।”
इसी दौरान मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि 17.31 करोड़ रुपए की लागत से दो नए पुल बन रहे हैं, जिससे घग्गर नदी के साथ लगते सरदूलगढ़ हलके के लगभग 27 गांवों के निवासियों को नदी पार करने के लिए लंबा रास्ता तय करना पड़ता था। उन्होंने आगे कहा कि इस समस्या के हल के लिए गांव भलुआणा में 12.03 करोड़ रुपए की लागत से नया पुल बनाया जा रहा है। इसी तरह गांव बार्न में 5.28 करोड़ रुपए की लागत से नया स्टील पुल बनाया जा रहा है, जिससे लोगों का अतिरिक्त सफर 5 से 9 किलोमीटर तक घट जाएगा।
उन्होंने आगे कहा कि सरदूलगढ़ के निवासियों को मानक स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करने के लिए शहर में 39 लाख रुपए की लागत से आम आदमी क्लीनिक खोला जा रहा है जिसमें 107 किस्मों की मुफ्त दवाइयां और 47 किस्मों के मुफ्त टेस्ट किए जाएंगे। उन्होंने कहा, “गांव भगवानपुर हिंगा में 55 लाख रुपए की लागत से हेल्थ एंड वेलनेस क्लीनिक बनाया जाएगा। भगवंत सिंह मान ने कहा कि सरदूलगढ़ सब-डिवीजनल अस्पताल के साथ 49 लाख रुपए की लागत से ब्लॉक पब्लिक हेल्थ यूनिट बनाया जाएगा, जो एक छत के नीचे लैब सेवाएं प्रदान करेगा, साथ ही एक डाटा सेंटर और एस.एम.ओ. मीटिंग-कम-कांफ्रेंस हॉल भी होगा।”
मुख्यमंत्री ने कहा कि 1.25 करोड़ रुपए माइनर कंक्रीट लाइनिंग पर खर्च किए जा रहे हैं, एक करोड़ रुपए श्री गुरु तेग बहादुर जी की चरण छोह प्राप्त दो गांवों के विकास प्रोजेक्टों के लिए खर्च किए जा रहे हैं। दानेवाला में 2.33 करोड़ रुपए खर्च करके 66 के.वी. ग्रिड की क्षमता 12.5 एम.वी.ए. बढ़ाकर 20 एम.वी.ए. की गई है जिससे 2.33 करोड़ रुपए की लागत से निर्विघ्न बिजली सप्लाई सुनिश्चित की जा सकेगी और खास करके धान के सीजन दौरान किसान भाईचारे को बड़ा फायदा होगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मानसा-तलवंडी साबो सड़क को 31.20 करोड़ रुपए की लागत से अपग्रेड किया जा रहा है, 33.07 करोड़ रुपए नए खालों के निर्माण पर खर्च किए जा रहे हैं और 12.83 करोड़ रुपए की लागत से गांव झंडा कलां, उल्लक और बणवाला नए में नए ग्रिड स्थापित किए जा रहे हैं। भगवंत सिंह मान ने आगे कहा कि सरदूलगढ़ शहर में नई सीवरेज पाइपलाइनों बिछाने के लिए 14.76 करोड़ रुपए खर्च किए जा रहे हैं जिससे 24.80 किलोमीटर सीवरेज सिस्टम डालने के साथ-साथ संबंधित प्रोजेक्ट मुकम्मल किए जाएंगे। उन्होंने सरदूलगढ़ के सरकारी अस्पताल को 100 बिस्तरों वाले अस्पताल में अपग्रेड करने का भी ऐलान किया ताकि लोगों को मानक इलाज मिल सके।
अपने संबोधन में वरिष्ठ ‘आप’ नेता और पंजाब के पार्टी इंचार्ज मनीष सिसोदिया ने कहा, “यह बहुत गर्व और संतुष्टि की बात है कि इस महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट का नींव पत्थर रखा गया है। यह प्रोजेक्ट पूरे क्षेत्र के आर्थिक विकास और खुशहाली को प्रोत्साहन देगा। हम ईमानदारी और काम की राजनीति पर चल रहे हैं और नकारात्मक एजेंडे को लोग मुंह नहीं लगाएंगे।”
सभा को संबोधित करते हुए कैबिनेट मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने कहा, “वर्ष 2022 का फतवा आम लोगों की भलाई के लिए स्वास्थ्य और शिक्षा के एजेंडे के हक में था। आई.टी.आई. आम आदमी के बच्चों के लिए रोजगार के नए रास्ते खोलेगी। राज्य सरकार पंजाब और पंजाबियों की भलाई के लिए वचनबद्ध है।”
इस मौके पर कैबिनेट मंत्री हरजोत सिंह बैंस और गुरमीत सिंह खुड्डियां, वरिष्ठ ‘आप’ नेता और पंजाब के पार्टी इंचार्ज मनीष सिसोदिया और अन्य भी मौजूद थे।


