रायबरेली के लालगंज तहसील क्षेत्र के मलकेगांव से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां एक लेखपाल पर रिपोर्ट लगाने के नाम पर रुपये और बेटी की अस्मत मांगने का आरोप लगा है। जिला प्रशासन ने अपनी जांच में आरोपों को झूठा बता दिया है, लेकिन भारत समाचार की टीम जब ग्राउंड जीरो पर पहुंची तो सच्चाई कुछ और ही निकली।
जिस पिता बाबू शंकर के बयान को प्रशासन ने जांच का आधार बनाया, वह खुद 25 सालों से अपनी पत्नी और बेटी के साथ नहीं रह रहा है। पिता ने खुद कैमरे पर बताया कि वह 20-25 सालों से अलग है और छोटी बेटी नीलम की शादी में भी शामिल नहीं हुआ था।
पीड़िता नीलम ने बताया कि उसकी मां ने चंदा लगाकर उसकी शादी की है और सिलाई करके परिवार का खर्च चल रहा है। पीड़िता का आरोप है कि 12 अगस्त को लेखपाल दिनेश सविता उसके घर आए और घर गिरने के मुआवजे के लिए उसकी मां से रुपये मांगे। रुपये न होने की बात पर बेटी को भेजने की बात कही।
लोकलाज के डर से पहले शिकायत नहीं की, फिर हिम्मत जुटाकर 5 सितंबर को एसडीएम से शिकायत की। पीड़िता का कहना है कि शिकायती पत्र देखकर एसडीएम और तहसीलदार हंस रहे थे। मीडिया में मामला आने के बाद 11 सितंबर को तहसीलदार जांच के लिए घर आए और झूठी रिपोर्ट लगा दी।














