प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्यसभा में मिडिल ईस्ट में चल रहे तनाव और युद्ध को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि इस संघर्ष का असर पूरी दुनिया पर पड़ रहा है और इससे गंभीर ऊर्जा संकट पैदा हो गया है।
PM मोदी ने कहा कि मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध के कारण तेल और गैस की सप्लाई प्रभावित हो रही है, जिससे वैश्विक स्तर पर ऊर्जा संकट गहराता जा रहा है। इसका असर भारत पर भी पड़ रहा है।
प्रधानमंत्री ने स्पष्ट किया कि भारत हमेशा से शांतिपूर्ण समाधान का समर्थक रहा है। उन्होंने कहा कि इस संकट का हल बातचीत और कूटनीति से ही संभव है।
PM मोदी ने होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों को रोके जाने की घटनाओं पर चिंता जताते हुए कहा कि यह पूरी तरह अस्वीकार्य है। उन्होंने बताया कि भारत इस मुद्दे पर लगातार नजर बनाए हुए है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत सरकार गल्फ देशों के साथ लगातार संपर्क में है, ताकि हालात पर नजर रखी जा सके और जरूरत पड़ने पर त्वरित कार्रवाई की जा सके।
PM मोदी ने कहा कि विदेशों में रह रहे भारतीयों की सुरक्षा सरकार की पहली प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि ईरान से 1,000 से अधिक भारतीयों को सुरक्षित वापस लाया जा चुका है।
प्रधानमंत्री ने संसद से अपील की कि इस मुद्दे पर एकजुट होकर दुनिया को मजबूत संदेश दिया जाए, ताकि शांति स्थापित करने में मदद मिल सके।
PM मोदी ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर यह युद्ध जल्द नहीं रुका, तो इसके परिणाम बेहद गंभीर होंगे और इसका असर वैश्विक अर्थव्यवस्था पर भी पड़ेगा।



