सुल्तानपुर: अवधी गायक और कॉमेडियन यूट्यूबर संजय यदुवंशी को मारपीट से जुड़े मामले में अदालत से अंतरिम राहत मिली है। अदालत ने संजय यदुवंशी और उनके भाई शिवा की गिरफ्तारी पर सशर्त रोक लगाई है। अग्रिम जमानत अर्जी पर सुनवाई के दौरान यह राहत दी गई। मामले की अगली सुनवाई 13 अक्टूबर को होगी। वहीं, संजय ने 10 अक्टूबर को सुल्तानपुर के तिकोनिया पार्क में धरना देने की बात कही है।
संजय और उनके भाई की गिरफ्तारी पर रोक
संजय यदुवंशी और उनके भाई शिवा की ओर से जिला जज की अदालत में अग्रिम जमानत की अर्जी दाखिल की गई थी। सुनवाई के दौरान अदालत ने जमानत अर्जी के निस्तारण तक गिरफ्तारी पर सशर्त रोक लगा दी। अर्जी को एडीजे प्रथम की अदालत में ट्रांसफर किया गया है। अब मामले में 13 अक्टूबर को अगली सुनवाई होगी।
यह मामला नगर कोतवाली क्षेत्र के अमहट से जुड़े मारपीट और जानलेवा हमले के आरोपों का है।
आधी रात संजय के घर पहुंची पुलिस, दीवार फांदकर अंदर घुसी
इससे पहले सोमवार देर रात पुलिस संजय यदुवंशी की तलाश में धम्मौर थाना क्षेत्र के उघड़पुर गांव स्थित उनके घर पहुंची थी। घर के गेट पर ताला लगा होने के कारण पुलिसकर्मी दीवार फांदकर अंदर दाखिल हुए। हालांकि, संजय घर पर नहीं मिले।
इस दौरान संजय के पिता, मां और भाई की पुलिसकर्मियों से तीखी बहस हो गई। घटना का वीडियो भी सामने आया है। वीडियो में थाना प्रभारी विपेंद्र कुमार वर्मा संजय को तुरंत बुलाने की बात कहते सुनाई देते हैं। इस पर संजय की मां जवाब देती हैं कि संजय घर पर नहीं हैं और किसी के घर में रात में घुसने का अधिकार नहीं है।
वीडियो में पुलिस अधिकारी और परिवार के सदस्यों के बीच बहस होती दिखाई देती है। परिवार ने पुलिसकर्मियों पर अभद्रता करने का आरोप लगाया है।
पिता का आरोप—इंस्पेक्टर ने एनकाउंटर की बात कही
संजय के पिता सियाराम यादव का आरोप है कि धम्मौर थाना प्रभारी छह से अधिक पुलिसकर्मियों के साथ उनके घर पहुंचे थे। दरवाजा बंद होने पर पुलिसकर्मी गेट फांदकर अंदर आए। आवाज सुनकर परिवार के सदस्यों की नींद खुल गई।
सियाराम यादव के मुताबिक, पुलिसकर्मियों को रोकने की कोशिश करने पर बहस हुई। उन्होंने आरोप लगाया कि इंस्पेक्टर ने संजय और उनके दूसरे बेटे शिवा के बारे में पूछते हुए उनका एनकाउंटर करने की बात कही। पिता ने कहा कि उनके बेटों के साथ कोई घटना होती है तो इसकी जिम्मेदारी पुलिस की होगी।
ये आरोप संजय के परिवार की ओर से लगाए गए हैं। इनकी स्वतंत्र पुष्टि की जानकारी उपलब्ध नहीं है।
संजय ने सोशल मीडिया पर उठाए सवाल
पुलिस की कार्रवाई के बाद संजय यदुवंशी ने सोशल मीडिया के जरिए सवाल उठाए। उन्होंने पूछा कि गिरफ्तारी वारंट कहां है और पुलिस उन्हें किस मामले में गिरफ्तार करना चाहती है।
वहीं, सीओ रितिक कपूर ने पुलिस कार्रवाई को लेकर परिवार की ओर से लगाए गए आरोपों को खारिज किया। उनके मुताबिक, पुलिस मारपीट और जानलेवा हमले के मामले में संजय की तलाश में दबिश देने पहुंची थी।
जानलेवा हमले के मामले में तलाश कर रही थी पुलिस
सीओ रितिक कपूर के अनुसार, नगर कोतवाली में जफरुल हसन ने अपने बेटे शबीब रजा के साथ मारपीट और जानलेवा हमले के आरोप में मुकदमा दर्ज कराया था। इस मामले में संजय यदुवंशी आरोपी हैं और पुलिस के मुताबिक, वह फरार चल रहे थे। इसी मामले की जांच के सिलसिले में पुलिस उनके घर पहुंची थी, लेकिन वह वहां नहीं मिले।
पुलिस के मुताबिक, संजय पर दर्ज हैं तीन मुकदमे
पुलिस के अनुसार, संजय यदुवंशी के खिलाफ तीन मुकदमे दर्ज हैं।
पहला मामला अंबेडकरनगर में 15 अगस्त के आसपास तिरंगे पर बैठने के आरोप से जुड़ा है। दूसरा मुकदमा धम्मौर थाने में करीब चार महीने पहले मारपीट के मामले में दर्ज हुआ था। तीसरा मामला बंधुआ कला थाना क्षेत्र में करीब छह महीने पहले कार टकराने को लेकर हुई मारपीट से संबंधित है। इस मामले में संजय समेत चार लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था।
फिलहाल, मारपीट के मामले में संजय यदुवंशी और उनके भाई शिवा को अदालत से अंतरिम राहत मिली है। अब सभी की निगाहें 13 अक्टूबर को होने वाली अगली सुनवाई पर हैं।













