मसूरी में जॉर्ज एवरेस्ट की जमीन को निजी हाथों में सौंपने के मुद्दे पर सियासी घमासान देखने को मिला। जमीन आवंटन के विरोध में कांग्रेस ने ‘धामी हटाओ-भूमि बचाओ’ अभियान के तहत प्रदर्शन किया। इस दौरान कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने खुद मोर्चा संभाला और सरकार के फैसले पर सवाल उठाए।
कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने जॉर्ज एवरेस्ट की जमीन निजी हाथों में सौंपने का विरोध करते हुए आरोप लगाया कि सरकार सरकारी संपत्तियों को निजी हाथों में देने का काम कर रही है। कांग्रेस ने जमीन आवंटन की पूरी प्रक्रिया सार्वजनिक करने की मांग उठाई। पार्टी नेताओं का कहना है कि सरकारी जमीन से जुड़े फैसलों में पारदर्शिता होनी चाहिए और जनता को इसकी पूरी जानकारी मिलनी चाहिए।
प्रदर्शन के दौरान उस समय माहौल गरमा गया, जब बीजेपी मंडल अध्यक्ष रजत अग्रवाल ने कांग्रेस के प्रदर्शन के विरोध में काले झंडे दिखाए। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच तनाव की स्थिति बन गई। देखते ही देखते दोनों पक्षों के कार्यकर्ताओं के बीच तीखी नोकझोंक शुरू हो गई और जमकर धक्का-मुक्की हुई।
घटना के दौरान मौके पर राजनीतिक माहौल गर्म रहा। जॉर्ज एवरेस्ट की जमीन को लेकर कांग्रेस और बीजेपी के बीच आमने-सामने की स्थिति देखने को मिली। कांग्रेस ने इस मुद्दे को सरकारी संपत्तियों की सुरक्षा से जोड़ते हुए सरकार के खिलाफ अपना विरोध जारी रखने का संकेत दिया।
कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने अभियान के जरिए जमीन आवंटन के मुद्दे को उठाया। पार्टी ने साफ किया कि सरकारी संपत्तियों की रक्षा के लिए उसका संघर्ष जारी रहेगा। वहीं, प्रदर्शन के दौरान बीजेपी मंडल अध्यक्ष की ओर से काले झंडे दिखाए जाने और दोनों पक्षों के बीच हुई धक्का-मुक्की ने इस पूरे मामले को राजनीतिक रूप से और चर्चा में ला दिया।
जॉर्ज एवरेस्ट की जमीन को लेकर शुरू हुआ यह विवाद अब कांग्रेस और बीजेपी के बीच राजनीतिक टकराव का मुद्दा बनता नजर आ रहा है।













