Bulandshahr News. बुलंदशहर के स्याना हिंसा मामले में एडीजे-12 न्यायमूर्ति गोपाल जी ने 44 आरोपियों में से अधिकांश को दोषी करार दिया। न्यायालय ने 5 आरोपियों को तत्कालीन थाना प्रभारी सुबोध सिंह की हत्या का दोषी माना, जबकि अन्य 33 आरोपियों को बलवा और धारा 307 जैसे गंभीर आरोपों में दोषी ठहराया। अदालत ने सभी दोषियों को न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया और सुरक्षित फैसला सुनाया। 1 अगस्त को एडीजे-12 की कोर्ट सभी दोषियों के खिलाफ अंतिम सजा का ऐलान करेगी।

स्याना हिंसा : क्या है मामला

3 दिसंबर, 2018 को स्याना कोतवाली के गांव महाव में गोवंश के अवशेष मिले थे। इसकी सूचना पर हिंदूवादी संगठन और आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे। उन्होंने गोकशी का विरोध किया। आरोप है कि योगेश राज ने अपने साथियों के साथ मिलकर लोगों को इकट्‌ठा किया और उन्हें भड़काया। भीड़ ट्रैक्टर-ट्रॉली में गोवंश के अवशेषों को भरकर बुलंदशहर हाईवे स्थित चिंगरावठी पुलिस चौकी पर पहुंच गई। भीड़ ने हाईवे को पूरी तरह जाम कर दिया। पुलिस ने लोगों रोकने का प्रयास किया तो भीड़ ने पुलिस पर पथराव कर दिया। पुलिस चौकी फूंक दी।

हिंसा के दौरान तत्कालीन कोतवाल सुबोध कुमार भीड़ को काबू करने में शहीद हो गए थे। चिंगरावठी के रहने वाले युवक सुमित की भी गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। आनन-फानन में पुलिस ने गोकशी के 10 आरोपियों पर केस दर्ज किया था, तब जाकर मामला शांत हुआ था।

27 नामजद समेत 60 लोगों पर हुआ था केस

हिंसा के बाद कोतवाली में तैनात एसआई सुभाष सिंह ने तहरीर दी थी। इसमें वर्तमान में जिला पंचायत सदस्य योगेश राज को मुख्य आरोपी बनाया था। इसके अलावा, 27 लोगों को नामजद करने के साथ हिंसा फैलाने के आरोप में 60 अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था।

जबकि गोकशी के आरोप में 10 लोगों पर मुकदमा दर्ज किया गया। हालांकि, पुलिस की चार्जशीट में इस मामले में 44 लोग ही आरोपी मिले। बाकी 16 लोगों के खिलाफ सबूत नहीं मिले, इसलिए उनके नाम केस से हटा दिए गए।

इंस्पेक्टर की हत्या में पांच दोषी

प्रशांत नट, डेविड, जोनी, राहुल और लोकेंद्र मामा को सुबोध सिंह की हत्या का दोषी माना गया। इन पांच आरोपियों ने थाने के प्रभारी को मौत के घाट उतारा था, जिसके बाद स्याना में व्यापक हिंसा फैल गई। इसके अलावा, अन्य 33 आरोपी बलवा और हत्या की कोशिश के आरोप में दोषी करार दिए गए। इन आरोपों में धारा 307 और बलवा जैसी गंभीर धाराएं शामिल थीं।

दोषियों की मौत और न्यायिक कार्यवाही

इस मामले में 5 आरोपियों की मुकदमे के दौरान मौत हो चुकी है, जबकि बाल अपचारी को छोड़कर सभी आरोपियों को दोषी माना गया है। अब 1 अगस्त को सभी दोषियों के खिलाफ सजा का ऐलान किया जाएगा, जो हिंसा के इस कृत्य को अंजाम देने वाले आरोपियों के लिए न्याय सुनिश्चित करेगा।

पहलगाम हमले को लेकर सदन में भयंकर भड़कीं Jaya Bachchan, चुन-चुनकर BJP पर लगाए चुभने वाले आरोप !

शेयर करना
Exit mobile version