यूपी में जहां आम और अमरूद जैसे फलों की भरमार है, वहीं अब एक ऐसा विदेशी फल चर्चा में है जिसकी कीमत और खासियत लोगों को चौंका रही है। ‘फिंगर लेमन’ नाम का यह अनोखा फल अपनी बनावट, स्वाद और दुर्लभता के कारण दुनिया के सबसे महंगे फलों में शामिल हो गया है। इसे “सिट्रस कैवियार” भी कहा जाता है।
दरअसल, फिंगर लेमन के अंदर छोटे-छोटे मोती जैसे दाने होते हैं, जो खाने पर मुंह में फूटते हैं और खट्टा स्वाद देते हैं। यही वजह है कि दुनिया भर के टॉप शेफ और बड़े रेस्तरां में इसकी भारी मांग रहती है।
यह फल मुख्य रूप से ऑस्ट्रेलिया में पाया जाता है और इसकी खेती बेहद कठिन मानी जाती है। इसके पेड़ कांटेदार होते हैं, जिससे फलों को तोड़ना काफी मुश्किल होता है। कई बार किसान चोट से बचने के लिए फल के खुद गिरने का इंतजार करते हैं।
फिंगर लेमन की कीमत भी इसे खास बनाती है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी कीमत करीब 150 डॉलर प्रति पाउंड यानी लगभग 300 यूरो प्रति किलो तक पहुंच जाती है, जो इसे एक लग्जरी प्रोडक्ट बनाती है।
इसके महंगे होने के पीछे कई वजहें हैं। यह फल बेहद दुर्लभ है और इसकी डिमांड लगातार बढ़ रही है। साथ ही इसके पेड़ बहुत धीमी गति से बढ़ते हैं। बीज से तैयार होने पर इसे पूरी तरह परिपक्व होने में 10 से 15 साल तक का समय लग सकता है।
स्वाद के साथ-साथ यह फल पोषण के लिहाज से भी फायदेमंद है। इसमें भरपूर मात्रा में विटामिन C और एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं, जो स्वास्थ्य के लिए लाभकारी माने जाते हैं।
अपनी अनोखी बनावट, दुर्लभता और शानदार स्वाद के कारण फिंगर लेमन आज दुनिया भर में एक हाई-एंड और प्रीमियम फल के रूप में पहचान बना चुका है।



