कर्नाटक की राजनीति से इस वक्त की सबसे बड़ी और चौंकाने वाली खबर सामने आ रही है। राज्य के दिग्गज नेता और पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने सक्रिय राजनीति से संन्यास लेने का बड़ा ऐलान कर दिया है। उनके इस अचानक लिए गए फैसले से राजनीतिक गलियारों में हड़कंप मच गया है और हर कोई हैरान है।
राजनीति पूरी तरह भ्रष्ट हो चुकी है
मीडिया और जनता के सामने अपने दिल की बात रखते हुए सिद्धारमैया ने वर्तमान राजनीतिक हालातों पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने दो टूक कहा कि आज की राजनीति पूरी तरह से भ्रष्ट हो चुकी है और इसमें अब ईमानदार राजनीति के लिए कोई जगह नहीं बची है। व्यवस्था में आ रहे इन बदलावों से आहत होकर उन्होंने साफ कर दिया है कि वे साल 2028 का आगामी विधानसभा चुनाव नहीं लड़ेंगे।
जनता के सुख-दुख में हमेशा खड़ा रहूंगा
चुनावी राजनीति से दूर होने की घोषणा के साथ ही सिद्धारमैया ने यह भी स्पष्ट किया कि चुनाव न लड़ने का यह मतलब नहीं है कि वे जनता का साथ छोड़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि पद या चुनाव से भले ही उनकी दूरी हो जाए, लेकिन वे हमेशा की तरह जनता के सुख और दुख में उनके साथ खड़े रहेंगे। उनके इस ऐलान के बाद कर्नाटक की कांग्रेस पार्टी और विपक्षी खेमों में भी चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है, क्योंकि सिद्धारमैया को राज्य का एक बेहद कद्दावर और जनप्रिय नेता माना जाता है।














