यूरोपीय संघ (EU) और ऑस्ट्रेलिया के बीच लंबे समय से चल रही फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) की बातचीत आखिरकार पूरी हो गई है। यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने इसकी आधिकारिक घोषणा करते हुए इसे दोनों पक्षों के लिए बड़ी उपलब्धि बताया।

उन्होंने कहा कि लगभग एक दशक की मेहनत के बाद यह समझौता संभव हो पाया है। यह एग्रीमेंट यूरोप के व्यापारिक नेटवर्क को और मजबूत करेगा और कई क्षेत्रों में नए अवसर पैदा करेगा।

उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने कहा कि इस समझौते के साथ यूरोप ने अपने फ्री ट्रेड नेटवर्क को तीन महाद्वीपों तक विस्तार दिया है। लैटिन अमेरिका, भारत और अब ऑस्ट्रेलिया के साथ हुए समझौतों से वैश्विक व्यापार में यूरोप की पकड़ मजबूत होगी।

इस एग्रीमेंट के तहत यूरोपीय कंपनियों, किसानों और निर्यातकों को बड़ा फायदा मिलेगा। करीब 1 अरब यूरो के टैरिफ की बचत होगी और अगले 10 वर्षों में ऑस्ट्रेलिया को होने वाला निर्यात 33 प्रतिशत तक बढ़ने का अनुमान है।

समझौते में कृषि उत्पादों की सुरक्षा के लिए ‘Geographical Indications’ (GI) का प्रावधान रखा गया है। इससे यूरोपीय किसानों को अपने उत्पादों की पहचान और बाजार में मजबूती मिलेगी।

इस समझौते का एक अहम हिस्सा क्रिटिकल मिनरल्स को लेकर सहयोग भी है। ऑस्ट्रेलिया जहां कच्चे खनिजों का बड़ा उत्पादक है, वहीं यूरोप इनका बड़ा उपभोक्ता है। दोनों पक्षों ने रेयर अर्थ, लिथियम और टंगस्टन जैसे खनिजों से जुड़े चार बड़े प्रोजेक्ट पर सहमति जताई है।

दोनों पक्षों ने ऑस्ट्रेलिया को यूरोप के प्रमुख रिसर्च प्रोग्राम ‘Horizon Europe’ से जोड़ने के लिए भी बातचीत शुरू करने पर सहमति बनाई है। इससे विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में सहयोग बढ़ेगा।

इस समझौते को वैश्विक व्यापार के लिहाज से एक बड़ा कदम माना जा रहा है, जो आने वाले समय में दोनों क्षेत्रों की अर्थव्यवस्था को नई गति देगा।

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