UNSC report TRF: संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) की हालिया रिपोर्ट में भारत की बड़ी कूटनीतिक जीत सामने आई है। रिपोर्ट में अप्रैल 2025 में जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के पीछे द रेसिस्टेंस फ्रंट (TRF) का नाम सीधे तौर पर लिया गया है। रिपोर्ट में यह भी स्पष्ट किया गया है कि इस आतंकी संगठन का संबंध लश्कर-ए-तैयबा (LeT) से है और यह हमला उसकी शह पर किया गया।

पहली बार UNSC दस्तावेज़ में TRF का नाम

यह पहली बार है जब संयुक्त राष्ट्र की किसी आधिकारिक रिपोर्ट… विशेषकर 1267 प्रतिबंध समिति की रिपोर्ट में TRF जैसे आतंकी संगठन को नाम से पहचाना गया है। UNSC की निगरानी टीम ने इस रिपोर्ट में बताया है कि TRF ने इस हमले की दो बार जिम्मेदारी ली थी, साथ ही हमले की जगह की तस्वीरें भी सोशल मीडिया पर साझा की थीं। हालांकि बाद में संगठन ने अपने बयान को वापस ले लिया था, लेकिन किसी अन्य समूह ने हमले की जिम्मेदारी नहीं ली।

लश्कर-ए-तैयबा से TRF का सीधा जुड़ाव

रिपोर्ट में सदस्य राष्ट्रों के हवाले से कहा गया है कि बिना लश्कर-ए-तैयबा जैसे बड़े आतंकी नेटवर्क के समर्थन के इस तरह का हमला संभव नहीं था। एक सदस्य ने TRF और LeT को “एक ही सिक्के के दो पहलू” बताया है। भारत लंबे समय से TRF को लश्कर का मुखौटा संगठन बताता रहा है, जिसे अब अंतरराष्ट्रीय मान्यता मिलती दिख रही है।

भारत की बड़ी कूटनीतिक कामयाबी

यह रिपोर्ट भारत के लिए एक बड़ी कूटनीतिक सफलता के रूप में देखी जा रही है। भारत लगातार अंतरराष्ट्रीय मंचों पर पाकिस्तान द्वारा आतंकवाद को समर्थन देने का मुद्दा उठाता रहा है। अब जब संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट में खुद TRF और LeT जैसे संगठनों का नाम लिया गया है, तो यह भारत की स्थिति को और मज़बूत करता है।

TRF को अमेरिका भी घोषित कर चुका है आतंकवादी संगठन

गौरतलब है कि अमेरिका ने भी TRF को जुलाई 2025 में आधिकारिक रूप से विदेशी आतंकवादी संगठन (FTO) घोषित किया था। साथ ही TRF के प्रवक्ता सादत बसीर को भी वैश्विक आतंकवादी घोषित किया गया है।

पहलगाम हमला: एक झकझोर देने वाली घटना

22 अप्रैल 2025 को हुए इस आतंकी हमले में 26 लोगों की जान गई थी, जिनमें स्थानीय गाइड और पर्यटक शामिल थे। इस हमले को लेकर TRF द्वारा लगातार सोशल मीडिया पर प्रचार किया गया, जिसने सुरक्षा एजेंसियों को चौकन्ना कर दिया था।

पाकिस्तान की ‘इनकार रणनीति’ पर बड़ा झटका

UNSC की रिपोर्ट ने पाकिस्तान की वर्षों से चली आ रही ‘प्लॉज़िबल डिनायबिलिटी’ (संभावित इनकार) रणनीति को अंतरराष्ट्रीय मंच पर उजागर कर दिया है। रिपोर्ट में TRF का नाम आना इस बात का प्रमाण है कि पाकिस्तान समर्थित आतंकी नेटवर्क अभी भी सक्रिय हैं और उनकी जड़ें सीमापार स्थित हैं।

https://youtu.be/KDxSFv1IoYE

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