असम विधानसभा चुनाव की हलचल अब दिल्ली तक पहुंच चुकी है। असम में चुनावी माहौल गर्मा गया है और सियासी हलचल तेज हो गई है।असम में चुनावी सरगर्मी के बीच सियासी तूफान खड़ा हो गया है। कांग्रेस के सीनियर नेता पवन खेड़ा के घर पर असम पुलिस ने दबिश दी है। इस कार्रवाई के बाद सवाल उठ रहे हैं कि आखिर पवन खेड़ा के घर असम पुलिस क्यों पहुंची और इस छापेमारी की वजह क्या है?
क्या है पूरा मामला?
दरअसल, मंगलवार को असम पुलिस ने दिल्ली स्थित कांग्रेस नेता पवन खेड़ा के घर पर छापेमारी की। साथ में दिल्ली पुलिस भी मौजूद थी। बताया जा रहा है कि असम पुलिस पवन खेड़ा को अरेस्ट करने आई थी, हालांकि पवन खेड़ा उस वक्त घर पर मौजूद नहीं थे। असम पुलिस ने पवन खेड़ा के खिलाफ एक एफआईआर दर्ज की है। यह एफआईआर असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की पत्नी रिनिकी भुइयां द्वारा दर्ज कराई गई है, जिसमें पवन खेड़ा के खिलाफ पासपोर्ट धोखाधड़ी के आरोप लगाए गए हैं।
पवन खेड़ा ने क्या आरोप लगाए थे?
रविवार को कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की पत्नी रिनिकी भुइयां पर गंभीर आरोप लगाए थे। पवन खेड़ा ने दावा किया था कि रिनिकी भुइयां के पास तीन देशों के पासपोर्ट हैं, जो उनके चुनावी हलफनामे में नहीं दिखाए गए थे। पवन खेड़ा ने यह भी कहा कि रिनिकी भुइयां के पास UAE, मिस्र और एंटीगुआ और बारबुडा के पासपोर्ट हैं। साथ ही, पवन खेड़ा ने यह भी आरोप लगाया कि रिनिकी भुइयां की दुबई में प्रॉपर्टी और अमेरिका के व्योमिंग में एक कंपनी भी है। यह मामला इतना बड़ा हो गया कि रिनिकी भुइयां ने गुवाहाटी के पनबाजार पुलिस स्टेशन में पवन खेड़ा के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई।
एफआईआर और असम पुलिस की कार्रवाई
एफआईआर में भारतीय दंड संहिता की 12 धाराओं के तहत गंभीर आरोप लगाए गए हैं, जिनमें जालसाजी, धोखाधड़ी, आपराधिक षड्यंत्र और फर्जी दस्तावेजों का उपयोग करने जैसे आरोप शामिल हैं। इसके बाद असम पुलिस की क्राइम ब्रांच ने केस नंबर 4/26 दर्ज किया और पवन खेड़ा के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी।
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि पवन खेड़ा ने उनकी पत्नी के खिलाफ झूठे आरोप लगाए हैं और वह कानूनी कार्रवाई करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि पवन खेड़ा द्वारा दिखाए गए दस्तावेजों में गंभीर विसंगतियां थीं, जिससे यह साफ जाहिर होता है कि इन दस्तावेजों में डिजिटल हेरफेर किया गया है।
पवन खेड़ा कहां हैं?
असम पुलिस की टीम जब पवन खेड़ा के घर पहुंची, तो वह घर पर मौजूद नहीं थे। उनकी लोकेशन का अभी तक खुलासा नहीं हो सका है, जिससे इस पर सस्पेंस बना हुआ है। कांग्रेस सूत्रों के अनुसार, पवन खेड़ा चुनाव प्रचार और पार्टी के कामों में व्यस्त हैं, लेकिन पुलिस की इस कार्रवाई के बाद उनके ठिकाने की जानकारी सार्वजनिक नहीं की जा रही है।
कांग्रेस ने असम सरकार की इस कार्रवाई को राजनीतिक प्रतिशोध करार दिया है और कहा है कि असम सरकार विपक्षी नेताओं को दबाने की कोशिश कर रही है। कांग्रेस ने इस मामले को सत्ताधारी पार्टी की साजिश बताते हुए कहा कि यह पूरी कार्रवाई सिर्फ कांग्रेस के खिलाफ है, खासकर असम विधानसभा चुनाव से ठीक पहले।
कांग्रेस की प्रतिक्रिया और असम विधानसभा चुनाव
कांग्रेस ने पवन खेड़ा के खिलाफ उठाए गए कदमों को पूरी तरह से असंवैधानिक और राजनीतिक प्रतिशोध बताया। कांग्रेस के नेताओं का कहना है कि असम सरकार विपक्षी आवाजों को दबाने के लिए गलत तरीके अपना रही है। यह पूरा विवाद असम विधानसभा चुनाव से ठीक पहले सामने आया है, जिससे राजनीतिक गलियारों में हलचल मच गई है। इस पूरे घटनाक्रम के बाद अब यह देखना होगा कि असम पुलिस और कांग्रेस के बीच यह विवाद किस दिशा में बढ़ता है। क्या असम सरकार इस मामले में आगे कोई कदम उठाती है या फिर यह सिर्फ एक राजनीतिक हथकंडा साबित होगा?


